save water (जल ही जीवन है ) sarkariresult.com
जल है तो कल है :- आप लोगों ने अक्सर ये बात लोगों से या अपने बड़ों से ज़रूर सुनी होंगी, “कि जल है तो कल है” इसका क्या अर्थ है, क्या आप जानते हैं? जी हाँ ! बिलकुल ? इससे ये तात्पर्य निकलता है कि हमारी पृथ्वी पर मीठे पानी का श्रोत लगातार कम होता जा रह है ऐसे हमें पीने के लिए पानी की कमी होने वाली है, बहुत सी जगह इसकी दिक्कतें शुरूं भी हो चुकी हैं| हमारी पृथ्वी पर कुल जल की मात्रा ७१% है जिसमें पीने के पानी की मात्रा केवल ०३% है, जिसमें से २.४% ग्लेशियरों तथा उत्तरी और दक्षिणी ध्रुबों में जमां हुआ है| पीनी के पानी की मात्रा केवल ०.६% ही है, जो झीलों, नदियों और तालाबों में है जिसको उपयोग किया जा सकता है और बचा हुआ सारा पानी नमकीन और खारा है जो कि पीने के कम नहीं आ सकता| १.६% पानी ज़मीन के नीचे है और ०.००१% पानी बादलों में भाप के रूप में एकत्रित है जो कि वर्षा होने पर हमें हासिल होता है| पृथ्वी पर जो जल है उसका ९७% पानी सागरों और महासागरों में है, जो कि खारा और नमकीन है, जिसको पीने के लायक नहीं माना जाता | भारत में कुल जल की मात्रा ८५.५% है जो अन्य देशों से काफी अच्...