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Showing posts from November, 2019

रोगों का आगमन (sarkariresult.com) happiness and sadness

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रोगों का आगमन मनुष्य के जीवन में :- मनुष्य एक ऐसा प्राणी है जिसको सर्वश्रेष्ठ होने की  उपाधि  मिली है। मनुष्य के जीवन में सुखद और दुखद सूचनाओं का आवागमन लगा रहता है। इसी बात को ध्यान में रखकर हमें निश्चिन्त होकर अपना जीवन बिताना चाहिए। इसी में हमारी भलाई है। किसी ने सच ही कहा है कि मनुष्य  को  कामयाब होने के लिए  उसके पास दो चीज़ों का होना बहुत ज़रूरी है। १.स्वस्थ मष्तिष्क २.निरोगी काया  जिस प्रकार से किसी लकड़ी को दीमक लग जाए तो वह दीमक उसको अंदर ही अंदर खोखला करती जाती है। ठीक उसी प्रकार से अगर किसी इंसान को रोग लग जाता है ,तो वह रोग उसको अंदर ही अंदर  उसका पतन कर देता है और इंसान की सारी शक्ति का क्षय हो जाता है। मनुष्य को बर्वाद कर देता है और मनुष्य की सारी  खुशियां छीन सी जाती हैं। और ऐसी हालत में उसको सुकून की तलाश रहती है मगर उसको सुकून नहीं मिलता है ,हर समय उसको एक बेचैनी सी रहती है। दुसरे शब्दों में कहा जाए तो रोगो का आना अच्छा माना जाता है , क्योंकि मनुष्य को रोग पापों से मुक्त कर देता है।   रोगों के आने का कारण क्या है :- म...

अल्लाह (ईश्वर ) को याद करना क्यों चाहिए। (sarkariresult.com)

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मनुष्य  को पैदा करने का मक़सद क्या है :- मनुष्य को पैदा करने का मक़सद अल्लाह (ईश्वर )को सिर्फ अपनी शान  को दिखाने के लिए है। जब इंसान इस संसार में आया  तो वह इसकी सुंदरता  को देखकर आकर्षित  हो गया और अपने मार्ग  से विचलित हो गया।  अल्लाह को किसी की पूजा अर्चना की ज़रुरत  नहीं है ,क्योंकि  सारा संसार मिलकर उसकी इबादत  करे तो उसकी शान में कोई इज़ाफ़ा नही होगा और  सारा जहां  मिलकर उसकी बग़ावत करे  तो भी उसकी शान में कोई कमी नहीं आने वाली।  वो हमेशा से है और हमेशा रहेगा उसकी ही शान सबसे ज़्यादा अफ़ज़ल है। सारे जहाँ की  तारीफें  सिर्फ उसके लिए ही हैं। मुझमें इतनी ताक़त नहीं है कि  मैं  उस रब की तारीफ बयान करूँ।  तारीफ तेरी या रब कैसे बयान करे उमर , तारीफ हैं बयान करते तेरी शम्शों  क़मर।  इसलिए दोस्तों इस संसार के साथ -साथ  अपने रब या अपने ईश्वर को भी कुछ समय दें, ताकि ये आँखें  बंद हो जाने के बाद हमें और आपको उस  रब या ईश्वर के सामने शर्मिंदा न होना पड़े. हमें  और आपको...