अल्लाह (ईश्वर ) को याद करना क्यों चाहिए। (sarkariresult.com)
मनुष्य को पैदा करने का मक़सद क्या है :-
मनुष्य को पैदा करने का मक़सद अल्लाह (ईश्वर )को सिर्फ अपनी शान को दिखाने के लिए है। जब इंसान इस संसार में आया तो वह इसकी सुंदरता को देखकर आकर्षित हो गया और अपने मार्ग से विचलित हो गया। अल्लाह को किसी की पूजा अर्चना की ज़रुरत नहीं है ,क्योंकि सारा संसार मिलकर उसकी इबादत करे तो उसकी शान में कोई इज़ाफ़ा नही होगा और सारा जहां मिलकर उसकी बग़ावत करे तो भी उसकी शान में कोई कमी नहीं आने वाली।
वो हमेशा से है और हमेशा रहेगा उसकी ही शान सबसे ज़्यादा अफ़ज़ल है। सारे जहाँ की तारीफें सिर्फ उसके लिए ही हैं। मुझमें इतनी ताक़त नहीं है कि मैं उस रब की तारीफ बयान करूँ।
तारीफ तेरी या रब कैसे बयान करे उमर ,
तारीफ हैं बयान करते तेरी शम्शों क़मर।
इसलिए दोस्तों इस संसार के साथ -साथ अपने रब या अपने ईश्वर को भी कुछ समय दें, ताकि ये आँखें बंद हो जाने के बाद हमें और आपको उस रब या ईश्वर के सामने शर्मिंदा न होना पड़े.
हमें और आपको सिर्फ हमारे रब ने अपनी पूजा या इबादत के लिए ही पैदा किया है। अपनी महानता को दिखाने के लिए ही मेरे रब ने हमें ,आपको और इस संसार को बनाया है। वैसे तो संसार की हर चीज़ अल्लाह (ईश्वर) की तारीफ बयाँ करती है।
संसार को एक दिन नष्ट हो जाना है। हर चीज़ जिसमें जीवन है ,उसको एक दिन मरना है। हम पर ईश्वर ने किस क़दर मेहरबानी की है ,इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं ,कि हमारे जन्म से पहले उस ईश्वर ने हमारे खाने -पीने का पूरा इंतज़ाम कर दिया था और उसके बाद हमको कितनी अच्छी -अच्छी शक्लें अता की हैं।इसलिए ए दोस्तों अपने रब को ज़रूर हर सुबह -शाम याद किया करें। जो लोग अपने रब को याद करते हैं उनकी हर मुश्किलें आसान हो जातीं हैं।
मनुष्य को पैदा करने का मक़सद अल्लाह (ईश्वर )को सिर्फ अपनी शान को दिखाने के लिए है। जब इंसान इस संसार में आया तो वह इसकी सुंदरता को देखकर आकर्षित हो गया और अपने मार्ग से विचलित हो गया। अल्लाह को किसी की पूजा अर्चना की ज़रुरत नहीं है ,क्योंकि सारा संसार मिलकर उसकी इबादत करे तो उसकी शान में कोई इज़ाफ़ा नही होगा और सारा जहां मिलकर उसकी बग़ावत करे तो भी उसकी शान में कोई कमी नहीं आने वाली।
वो हमेशा से है और हमेशा रहेगा उसकी ही शान सबसे ज़्यादा अफ़ज़ल है। सारे जहाँ की तारीफें सिर्फ उसके लिए ही हैं। मुझमें इतनी ताक़त नहीं है कि मैं उस रब की तारीफ बयान करूँ।
तारीफ तेरी या रब कैसे बयान करे उमर ,
तारीफ हैं बयान करते तेरी शम्शों क़मर।
इसलिए दोस्तों इस संसार के साथ -साथ अपने रब या अपने ईश्वर को भी कुछ समय दें, ताकि ये आँखें बंद हो जाने के बाद हमें और आपको उस रब या ईश्वर के सामने शर्मिंदा न होना पड़े.
हमें और आपको सिर्फ हमारे रब ने अपनी पूजा या इबादत के लिए ही पैदा किया है। अपनी महानता को दिखाने के लिए ही मेरे रब ने हमें ,आपको और इस संसार को बनाया है। वैसे तो संसार की हर चीज़ अल्लाह (ईश्वर) की तारीफ बयाँ करती है।
संसार को एक दिन नष्ट हो जाना है। हर चीज़ जिसमें जीवन है ,उसको एक दिन मरना है। हम पर ईश्वर ने किस क़दर मेहरबानी की है ,इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं ,कि हमारे जन्म से पहले उस ईश्वर ने हमारे खाने -पीने का पूरा इंतज़ाम कर दिया था और उसके बाद हमको कितनी अच्छी -अच्छी शक्लें अता की हैं।इसलिए ए दोस्तों अपने रब को ज़रूर हर सुबह -शाम याद किया करें। जो लोग अपने रब को याद करते हैं उनकी हर मुश्किलें आसान हो जातीं हैं।


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