Importance of true relations in this world.(इस संसार में सच्चे रिश्तों का महत्त्व )
किसी महान व्यक्ति ने कहा था,-“कि यदि रिश्तों को बचाना है तो थोड़ा-सा झुक जाना ही बेहतर है, क्योंकि झुकने से किसी के सम्मान में कोई कमी नहीं आती, बल्कि उसका सम्मान और भी बढ़ जाता है| “प्रेम व रिश्तों में अपना पराया नहीं देखा जाता, प्यार तो बस किया जाता है| बस निभाया जाता है| रिश्तों को बनाये रखने के लिए छोटी – छोटी बातों को नज़र अंदाज़ कर देना चाहिए| इनसे रिश्ते खराब नहीं होते उनमें हमेशा नयी ताजगी बनी रहती है|
इंसान को उसकी बुराइयों (दुर्गुणों ) के कारण नकारना नहीं चाहिए, बल्कि उसको साथ में लेकर उसके दुर्गुणों को दूर करना चाहिए| इंसान के अन्दर कोई न कोई बुराई (दुर्गुण) अवश्य होता है| चाहें छोटा हो या बड़ा हो पर होता ज़रूर है | इंसान के दोषों का नकारकर उसके सद्गुणों के बिना पर उससे प्रेम किया जाना चाहिए| प्रत्येक इंसान के अन्दर कोई न कोई सद्गुण ज़रूर होता है| चाहें वह छोटा हो या बड़ा हो पर होता अवश्य है|
प्रत्येक इंसान में कुछ न कुछ कमी अवश्य होती है, क्योंकि मासूम इंसान को तलाश करोगे तो आप अकेले ही इस जहां में रहोगे| प्रत्येक इंसान प्रत्येक इंसान की खूबियों के बिना पर प्रेम व भाईचारा कायम करें | आज के इस दौर में जितना भी कामयाब हो जाये लेकिन आपको एक ऐसे साथी ज़रुरत अवश्य होगी ,जिससे आप अपनी निजी बातें साझा कर सके, समय बिता सकें आदि |
हमारी समस्याएं ज़रूर ख़त्म होंगी, क्योंकि इस संसार में कोई भी चीज़ स्थाई नहीं है| इसलिए कभी भी परेशां न होना, ईश्वर सब अच्छा कर देगा| वह बड़ा दयालु और अत्यंत मेहरवान है, उसके समान न कोई था और न कभी कोई होगा, क्योंकि वह हमेशा से था और हमेशा तक रहने वाला है और इस नश्वर संसार का एक दिन अंत हो जाना है| किसी शायर ने कहा था-
ऐ बुलबुलों शोर न करो,
गम की रात है|
फिर वही दिन आ जायेंगे,
दो – चार दिन की बात है |
बिना संघर्ष के प्राप्त किया गया फल नि:स्वाद होता है, अपनी मेहनत और ईश्वर कि कृपा पर भरोसा रखें | इस दुनिया में केबल दो प्रकार के लोग पाए जाते है |
१. जो अच्छे होते हैं पर अच्छे होने का दिखावा नहीं करते|
२. दूसरे वे जो अच्छे नहीं होते पर अच्छे होने का दिखावा करते हैं| कहने का आशय है कि निर्मल ह्रदय के व्यक्ति बनिए न कि कठोर ह्रदय के| कठोर ह्रदय में शैतान का वास होता हैं और निर्मल व पवित्र ह्रदय में ईश्वर का |
३.
इस संसार में कुछ लोग तो इतने अच्छे व सच्चे पाए जाते है जिनको आप देखकर आप देवताओं की अनुभूति करते हैं, परन्तु कुछ को देखकर शैतान भी स्वयं को लज्जित महसूस करता है| लोगों के प्रति दया कि भावना रखना और निर्बलों और भूखों को सहरा देना व खाना खिलाना इस संसार का परम पुण्य है, परन्तु इन बातों का अस्तित्व केवल किताबों, प्रवचनों व धार्मिक सम्मेलनों तक सीमित रह गया है, क्योंकि सहायता की बात पर चर्चा सभी करते हैं, परन्तु जब परीक्षा की घडी आती है तो अपने आवश्यक कार्य का बहाना बताकर किसी निर्बल को नकार देते हैं|४.
मनुष्य मनुष्य को मारकर खाने की चेष्टा करने लगे हैं क्योंकि वे भूल चुके हैं कि स्वयं को और अपने आचरण को| शिक्षा का स्तर तो वास्तविक रूप में काफी ऊँचा हो चुका है, परन्तु इसकी वास्तविक झलक कोसों से दूर है| वह वास्तविक शिक्षा जिसका उजाला हमारे पूर्वजों ने सारी दुनिया में बिखेरा| जिसको पाकर तुम्हे स्वयं को धन्य समझना चाहिए |आज तुम हमारी संस्कृति का उपहास उड़ाते हैं, तुमको तनिक लज्जा नहीं आती|५.
आज विदेशों में हमारे पूर्वजों का नाम आदर के साथ लिया जाता है, क्योंकि उनकी शिक्षा दिखावटी नहीं थी जो कुछ अपने जीवन में उन्होंने सीखा, उसको पूर्णत: अपने जीवन में उतारने की कोशिश की | वे वास्तव में अच्छे व सच्चे थे, न कि आज की भांति अच्छा होने का दिखावा करते लोग जिनको आज पुराना (प्राचीन) कहकर जिनका उपहास उड़ाते है शायद उन्हें यह मालूम नहीं कि असफल व आलसी लोगों का और कार्य ही क्या है?
स्वयं तो कुछ करते नहीं और दूसरों को भी करने देते नहीं| ऐसे लोगों का न तो कोई वर्त्तमान होता है और न ही भविष्य| उनका जीवन दूसरों के बारे में व्यर्थ चिंतन में सदा लगा रहता है कि वह क्या कह रहा है ?और उसने यह उपलब्धि कैसे पा ली? मैंने तो ऐसा क्यों नहीं किया? बस इसी बीच उसका चिंतन घूमता रहता है और वह चिंता ईर्ष्या का शिकार हो जाता है, और ऐसे उसके जीवन के अंत हो जाता है, और पंचतत्व में विलीन हो जाता है|
ऐसे जीवन का कोई लाभ नहीं जो किसी मनुष्य के काम न आ सके, जीवन मिला है अच्छे कर्म करके जीवन व्यतीत करने के लिए न कि पाप करके अपना व दूसरों का जीवन बर्वाद करने के लिए|
दोस्तों!
ये संसार है इसकी कोई भी चीज़ स्थाई नहीं है, यदि कुछ स्थाई है तो वह है ‘ईश्वर’|
हमें सदा उसी ही की पूजा करनी चाहिए, क्योंकि वह ही हैं जो अत्यंत दयावान और कृपालु हैं| हमारी आपकी समस्त समस्याएं ईश्वर दूर करें|
धन्यवाद !








Comments