रिश्तों की सच्ची कीमत और उसको चुकाने का साहस(TRUE VALUES OF RELATIONS)

 

रिश्तों की सच्ची कीमत और उसको चुकाने का साहस :-

अगर आप किसी भी रिश्ते को संभालकर रखना चाहते है तो आपको कुछ बातों को अनदेखा करना होगा | रिश्तों को संजो कर रखना बहुत बड़ी बात होती है,लेकिन रिश्ते बनाना बहुत आसान होता है | रिश्तों की डोर बड़ी ही मज़बूत और बड़ी ही नाज़ुक होती है | इस विषय पर बात कुछ देर बाद करेंगे, क्योंकि मैं अभी कुछ देर पहले एक विषय पर बात कर रहा था जो कि अधूरी रह गयी थी चलो ! उसको पूरा करते हैं फिर आगे बात करेंगे |

मैं बात कर रहा था कि कैसी प्रवृत्ति वाले से मित्रता अथवा विवाह करना चाहिए | मैंने स्त्री के लिए पुरूष में क्या - क्या खूबियाँ होनी चाहिए का वर्णन कर दिया, परन्तु पुरुषों के लिये स्त्रियों में क्या - क्या गुण होना चाहिए का वर्णन करना रह गया था जो कि सादर प्रस्तुत है |

स्त्रियों के साथ विवाह अथवा मित्रता किन-किन चीज़ों को ध्यान में रखकर करना चाहिए जो कि इस प्रकार है:-

 

१.  

वह महिलायें अथवा स्त्रियां जिसके साथ आप की मित्रता अथवा शादी होने वाली है क्या वह स्वयं के अतिरिक्त किसी और को भी मान्यता अथवा सम्मान देती हैं, मैं

 यह बात आपसे इसलिए पूंछ रहा हूँ ? क्योंकि महिलाओं को सिर्फ अपनी बड़ाई करने व सुनने में आनंद आता है और दूसरे की बुराई करने में,लेकिन हर औरत ऐसी नहीं होती जो वास्तविक होता है वह उसी को कहती है |

यदि कोई महिला अथवा स्त्री अपने परिवार माता-पिता, भाई-बहन, की बडाई करती रहतीं है तो विश्वास माने उसका ह्रदय काफी ज्याद निर्मल है वह एक चरित्रवान व विश्वासपात्र स्त्री है उससे रिश्ता तुरंत बना लेना चाहिए|

वह स्त्री इस रिश्ते को बहुत ही संभालकर रखेगी चाहें कितनी ही मुश्किलें आ जाये, वह आपका साथ कदापि नहीं छोड़ेगी| ऐसी पत्नी अथवा मित्र पाकर आप स्वयं को धन्य तथा गौरवान्वित महसूस करेंगे| स्त्री को वैसे भी सहनशीलता की ‘देवी’ कहा जाता है| स्त्री का बड़ा ही योगदान है इस संसार की रचना में, जिसको कभी नहीं भुलाया जा सकता है |

 इनका हर रूप ही साक्षात देवीय है | इन्होंने हर रूप में आकर मनुष्य की सेवा की है | चाहे वह माँ का हो या बहन का या फिर पत्नी का | इन्होंने हर रिश्ते को बखूबी निभाया है | इनके इन सुनहरे उपकारों का बदला हम कभी नहीं दे सकते हैं |

बस आपसे विनती है कि ऊपर दी गयी शिक्षाएं मेरे निजी विचारों पर आधारित हैं, केवल इन्हीं के मापदडों के आधार पर किसी भी स्त्री का चरित्र - चित्रण करना प्रयाप्त नहीं | आप अपने मित्र अथवा जीवन साथी को अपनी पसंदीदा आदतों और खूबियों के आधार पर चुन सकते हैं |

यह जीवन आपका है, इसको आपको जीना है, मैं आपको अपने अनुभवों व ज्ञान की सहायता से आपको सिर्फ मार्ग ही दिखा सकता, किन्तु इस पर चलना आपको है | आपको सफल होने के लिए ज्यादा से ज्यादा ज्ञान हासिल करना व मेहनत सही दिशा में करने की आवश्यकता है |

 अनुभव सफल व असफल दोनों के पास मिल सकता है, सफल व्यक्ति के पास सफल होने के बारे में अनुभव होता है कि उसने क्या - क्या किया और कैसे किया जिसके बिना पर वह सफल बना और विफल व्यक्ति को इस बात का अनुभव होता है कि उसने क्या-क्या किया और क्या नहीं किया जिसके बिना पर वह असफल हुआ ?

 जिसके कारण वह विफल हुआ उसको क्या करना चाहिए और क्या करना नहीं चाहिए वखुबी पता होता है | इसलिए  अनुभव हमेशा दूसरों से हासिल करें तो ही अच्छा होगा और यदि सारे अनुभव अपने ऊपर करने की चेष्टा करेंगे तो जीवन बीत जायेगा, पर अनुभव प्राप्त न होगा|

 इसीलिए खुद से ज्यादा दूसरों से सीखने कि चेष्टा करें | हमेशा सफल लोगों के संपर्क में रहने की कोशिश करें, ताकि आप स्वयं भी प्रेरित रहे और दूसरों को भी प्रेरित कर सकें | 

नकारात्मक सोंच रखने वालों से हमेशा दूर रहें, नयी-नयी चीजों को सीखने में कभी भी संकोच न करें,अपने मन व विचारों को एकदम स्वच्छ रखें, क्योंकि स्वच्छ मन में ही ईश्वर का वास होता है|

धन्यवाद!

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