Travelling in Sorrow (गम का सफ़र ) some emotional points about true life.
गम का सफ़र
मनुष्य का जीवन ही संघर्षों से भरा पड़ा है, इस संघर्ष के साथ जीना ही जीवन का असल मकसद है | जीवन में उतार – चढ़ाव सभी के आते है, किन्तु कोई बिखर जाता तो कोई संवर जाता है | हमें लोग देखकर अपनी शिक्षाओं, ज्ञान तथा अपनी प्रवृत्ति के अनुसार टिपण्णी करते है,कि तुम यह क्यों नहीं करते ? तुम वो क्यों नहीं करते ? लेकिन टिपण्णी करने वालों को काम ही यही है | आपको उनके ऊपर ज्यादा धयान देने कि आवश्यकता नहीं है |
आप सिर्फ वही करें जो आप आसानी से तथा ज्यादा – से ज्यादा मेहनत के साथ कर सकते हैं, आप केवल उसी क्षेत्र में अपना कदम रखें, जिसमे आप सबकुछ अच्छे से करना जानते हो और जों न आता हो उसको आसानी से सीख सकते हैं| आप अपनी सफलताओं और विफलताओं का परिक्षण करें ताकि आप जान सकें,कि किन कारणों से आप सफल हुए और किन से विफल ! लोगों का तो काम ही है नुक्ताचीनी करना| जीवन आपका है इसको आपको स्वयं के अनुसार जीना है न कि दूसरों|
ग़म का भी इस संसार में अपना स्थान है, प्रत्येक इन्सान के जीवन में इसका आना निश्चित है जिस प्रकार से जीवन - मरण| मृत्यु का इस संसार में विशेष स्थान है, जिसको सब जानते व मानते है, पर संसार में मनुष्य रहता है इस प्रकार से है जैसे उसको कभी मौत नहीं आएगी| आशा और विश्वास पर यह संसार प्रारंभ से ही टिका हुआ है| दुःख का सबसे बड़ा हथियार है 'धैर्य' और मनुष्य को दुःख के समय आत्म नियंत्रण रखना चाहिए| स्वयं पर भरोसा रखना चाहिये, इसी में आपकी भलाई है|
दुःख और सुख साइकिल के एक पहिये के सामान है जैसे दुःख बाद सुख और सुख के बाद दुःख| जीवन अंत तक यह प्रक्रम चलता रहता है, उसी का नाम जीवन है| प्रत्येक इन्सान के जीवन में दुःख और सुख का आना जाना लगा रहता है| इससे से घबराना नहीं है,बल्कि इसके साथ संतुलन बनाकर जीवन व्यापन करना ही एक उत्तम प्राणी का कर्त्तव्य है| मनुष्य जीवन का अर्थ ही है कठिनाईयों से लड़ते हुए जीवन यापन करना |
जीवन का उत्तम अनुभव आपको दूसरों से ग्रहण करना चाहिए| इस नश्वर संसार का एक दिन अंत हो जाना है केवल उस परमात्मा कि शान बांकी रह जानी है| मनुष्य के जीवन का सबसे उपयोगी समय कौन-सा है?
क्या आपको पता है? जी हाँ ! मनुष्य के जीवन का सबसे उपयोगी समय वह समय है जिसको उसने ईश्वर की याद में बिताया हो और अपने परिवार, माता-पिता, और सगे – सम्बन्धियों के साथ बिताया हो| दूसरों की सहायता करने और किसी निर्बल के काम आने में लगाया गया समय को भी जीवन का सबसे उपयोगी समय कि श्रेणी में रखा जा सकता है | इसके अतिरिक्त मेरी दृष्टि के अनुसार हमारे जीवन का सबसे जीवन का सबसे उपयोगी समय वही है जिसका हम अभी ऊपर जिक्र कर चुके हैं |
दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि अपनी संमृद्धि या विकास के लिए किये गए प्रयास में बिताया गया समय को भी हम जीवन का सबसे उपयोगी समय कह सकते हैं | इसीलिए दोस्तों समय की महानता को समझें और इसका सही उपयोग करने कोशिश करें | इसी में हमारी और आपकी बेहतरी हैं| जीवन बहुत अनमोल रत्न है जो हर किसी को हासिल नहीं होता | कुछ को तो इस संसार में आने से पहले ही इस संसार से विदा होना पड़ता है और आप सही व सलामत हो तो आप बहुत ही भाग्यवान हो और अपनी किस्मत पर आपको नाज होना चाहिए|
किसी से भी किसी प्रकार की कोई उम्मीद नहीं रखना चाहिए, चाहें वह अपना हो या पराया, क्योंकि जब वह हमारी उम्मीदों को तोड़ता है तब मन बहुत दु:खी होता है| इस दुःख का कारण ही है ‘आशा’ और आशा सिर्फ ईश्वर से रखना चाहिए न कि इंसानों से |
इंसान सिर्फ धोका और कपट के सिवा कुछ नहीं दे सकता क्योंकि उसका स्वभाव ही यही है| हालांकि सब इंसान एक से नहीं होते फिर भी ज़्यादातर लोग ऐसे है होते हैं, इनसे बचने की ज़रुरत है | मतलबी लोगों से अपने और अपने परिवार को बचाकर रखें | कहने का अर्थ है कि यदि मैंने आपसे किसी चीज़ की उम्मीद रखी, कि हमारे बुरे वक़्त में यह काम आएगा, किन्तु वह आपकी समस्याओं में आपसे कोसों दूर चला जाता है ताकि आप उसको न बुला लें अपनी सहायता के लिए| इसीलिए विद्वानों ने कहा है कि,-“सच्चा मित्र वही जो मुसीबत में काम आये|” दिखावटी रिश्तों से बचने की ज़रुरत है और मतलबी लोगों से भी |
जो आपका होगा वह हर हाल में आपका ही रहेगा अच्छे मित्र अच्छी सम्प्पति के सामान होते है| यह वह सम्प्पति है जिसको हमें पूरी सच्चाई, पूरे विश्वास के साथ बना के रखने कि ज़रुरत है| संसार में खून के रिश्तों के अलावा सिर्फ यह ही एक ऐसा रिश्ता होता है जो खून के रिश्ते बाद सर्वोपरि होता है| किसी विद्वान् ने कहा था कि “ खून के रिश्ते स्वर्ण के सामान होते है और मित्रता हीरे के सामान होती है|
कहने का तात्पर्य है कि खून के रिशते में यदि कोई दरार पड़ जाये, तो वह स्वर्ण कि भांति जुड़ जाती है, परन्तु हीरे में दरार पड़ती है तो उसे काटना पड़ता हैं और इस प्रकार हीरा अलग-अलग दो टुकड़ों में बट जाता है| इसीलिए हमें हमारे रिश्तों संदेह की भेंट नहीं चढ़ाना चाहिए| यदि कोई भी हमारे बीच संदेह की बात हो तो उसे एक-दूसरे से बात करके संदेह को दूर कर लेना चाहिए, क्योंकिं संदेह (ग़लतफ़हमी ) दूर हो जाने के बाद हमारे रिश्तों में फिर से और ज्यादा मजबूती और ताजगी आ जाती है | इसी लिए दोस्तों ! रिश्तों कि कद्र किया करें, और हमेशा पूरी निष्ठां व ईमानदारी से निभाने कि कोशिश किया करें |
धन्यवाद!







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